देहरादून, 18 फरवरी 2026: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। नैनीताल हाईकोर्ट ने पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (PTCUL) के प्रबंधक निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति को रद्द कर दिया। यह फैसला याचिकाकर्ता राजीव गुप्ता की ओर से दायर रिट याचिका (सर्विस बेंच) संख्या 295/2025 में न्यायमूर्ति आशीष नैथानी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने सुनाया।
राजीव गुप्ता, जो PTCUL में चीफ इंजीनियर लेवल-1 हैं और कंपनी के सबसे वरिष्ठ इंजीनियर होने के नाते MD पद के स्वाभाविक दावेदार थे ने 10 सितंबर 2022 प्रकाश चंद्र ध्यानी को प्रबंधक निदेशक के पद पर अतिरिक्त प्रभार दिए जाने को चुनौती दी थी।
राजीव गुप्ता ने हाईकोर्ट में नियमित चयन प्रक्रिया लंबित होने के कारण पी सी ध्यानी की प्रबंध निदेशक पद के अतिरिक्त प्रभार को चैलेंज करते हुए उत्तराखंड चयन एवं नियुक्ति ऑफ मैनेजिंग डायरेक्टर एंड डायरेक्टर्स प्रक्रिया निर्धारण नियम 2021 (संशोधित) के नियम 9-ए का उल्लंघन बताया था और कहा था कि इस पद पर सिर्फ इंजिनियर ही बैठ सकते हैं। नैनीताल हाईकोर्ट ने पाया कि PTCUL में
प्रबंधक निदेशक बनने के लिए इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री अनिवार्य है, जो ध्यानी के पास नहीं है।
खंडपीठ ने याचिका को स्वीकार करते हुए स्पष्ट कहा कि ध्यानी की “नियुक्ति नियम 9-ए” का उल्लंघन है, इसलिए इसे अस्वीकृत किया जाता है। अदालत ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि नियमित चयन प्रक्रिया पूरी होने तक प्रबंधक निदेशक के पद के लिए वैकल्पिक अंतरिम व्यवस्था की जाए तथा इस नियुक्ति में “नियुक्ति नियम 9-ए” का ध्यान रखा जाए।
याचिकाकर्ता के वकील डॉ. कार्तिकेय हरि गुप्ता ने फैसले की पुष्टि की और कहा कि इससे सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता और योग्यता सुनिश्चित होगी।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद भविष्य में योग्यता को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
PTCUL उत्तराखंड में बिजली पारेषण का महत्वपूर्ण हिस्सा है और प्रबंध निदेशक का पद कंपनी के संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गुप्ता की याचिका में वरिष्ठता को नजरअंदाज न करने तथा निर्धारित योग्यता नियमों को सख्ती से पालन करने की मांग भी की गई थी।
वहीं PITCUL के कर्मचारियों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य की नियुक्तियों के लिए मिसाल बनेगा और भविष्य में नियुक्तियों में निर्धारित योग्यता को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। इस फैसले के बाद अब राज्य सरकार को तत्काल योग्य MD की अंतरिम व्यवस्था करनी होगी जिससे PTCUL के प्रोजेक्ट प्रभावित न हों।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद PITCUL के कर्मचारी और इंजीनियरिंग बिरादरी में खुशी का माहौल है। इनका कहना है कि योग्यता रखने वाले इंजीनियरों को अब मायूस नहीं होना पड़ेगा और इन्हें योग्यता के आधार पर प्रोन्नति मिलेगी। हाईकोर्ट के इस फैसले को निगम की प्रोन्नति और कार्यसंस्कृति के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
