Uttarakhand Goverment

कोरोनावायरस की तीसरी लहर की आशंका से पूरा देश डरा हुआ है। कई राज्यों के कोरोना पीड़ित मरीजों में डेल्टा प्लस वायरस पाये जाने की खबर भी सामनेेे आ रही है। तमाम राज्य सरकार तीसरी लहर की तैयारी में जुटी हुई है। कहा जा रहा है कि COVID-19 की तीसरी लहर, बच्चों को ज्यादा प्रभावित करेगी। इस बीच खबर है कि वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया बच्चों पर नोवावैक्स नामक कोरोना वैक्सीन की क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर रही है।

मिल रही जानकारी के अनुसार इस वैक्सीन को अमेरिकी बायोटेक्नोलॉजी फर्म नोवावैक्स द्वारा विकसित किया गया है। इस वैक्सीन की ब्रांडिंग सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोवावैक्स के रूप में करने जा रही है। भारत मे इसकी प्रभावकारिता का परीक्षण होना अभी बाँकी है।

नोवावैक्स वैक्सीन में लगभग 90.4 प्रतिशत तक प्रभावकारिता दिखाई जा रही है। इस दावे के पीछे क्लिनिकल ट्रायल का हवाला दिया जा रहा है। यह ट्रायल संयुक्त राज्य अमेरिका और मैक्सिको में 119 स्थानों पर किये जाने का दावा है।

बेहतरीन नैदानिक ​​​​परीक्षण परिणामों से उत्साहित भारत कोविड-19 टास्क फोर्स ने सीरम संस्थान से नैदानिक ​​​की अनुमति दे दी है।इस बीच खबर है कि एम्स में 12 से 18 साल के बीच के बच्चों को नोवावैक्स की पहली डोज़ दी जा चुकी है। अब इस क्लिनिकल ट्रायल में 6 से 12 वर्ष के बच्चों को शामिल किया जाएगा।

एम्स में नोवावैक्स टीका लगाने के कुछ घंटे बाद ही सभी बच्चों को घर भेज दिया गया है। डॉक्टर लगातार इन बच्चों की सेहत पर नजर बनाए हुए हैं।

अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले कुछ महीनों बाद सरकार बच्चों के लिए वैक्सीनेशन की शुरुआत कर सकती है।

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