Uttarakhand Goverment

✍️किरण

बाबा रामदेव एक बार फिर से एलोपैथी के खिलाफ बयान देकर विवाद में फंस गए हैं। अब बाबा रामदेव द्वारा एलोपैथिक को लेकर विवाद खड़ा करने के टाइमिंग पर सवाल उठने लगे हैं। देश के तमाम बुद्धिजीवी कह रहे हैं कि बाबा रामदेव कोरोना महामारी से हो रही देश में मौत को लेकर कभी कुछ भी नहीं बोलते हैं। जब कोरोना से केंद्र की बदइंतजामी की वजह से देश में ऑक्सीजन की कमी, दवाइयों की कमी और वैक्सीन की मारामारी से केंद्र की बदनामी होने लगी है तो बाबा रामदेव ने विवादित बयान देकर ध्यान भटकाने की कोशिश करने लगे हैं।

उनका मानना है कि बाबा रामदेव ने विवादित बयान देकर केंद्र की मोदी सरकार को बचाने हेतु ध्यान भटकाने के लिए यह बयान दिया गया है। बुद्धिजीवियों का कहना है ऐसे वक्त में जब पूरा देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है तब ऐसी स्थिति में एलोपैथिक डॉक्टर ही भगवान बनकर लोगों के साथ खड़े रहे लेकिन बाबा रामदेव अब उनकी बेइज्जती पर उतर आए हैं।

गौरतलब है कि बाबा रामदेव ने एलोपैथी चिक्तिसा पद्धति में शक पैदा करने वाला बयान दिया है। जिसके बाद सोमवार को उन्होंने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और फार्मा कम्पनियों से खत के जरिये 25 सवाल किए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि एलोपैथी सर्वशक्तिमान औऱ सर्वगुणसम्पन्न है तो फिर एलोपेथी डॉक्टर्स बीमार नहीं होने चाहिए।

ये हैं वो 25 सवाल?
1.बीपी, टाइप-1, टाइप-2 डायबिटीज़,बीपी, थायराइड जैसी बीमारियों का स्थायी समाधान है या नहीं?
2.क्या एलोपैथी के पास फैटी लिवर, लिवर सिरोसिस, हेपेटाइटिस को क्योर करने की दवाई है?
3.फार्मा इंडस्ट्री में हार्ट ब्लॉकेज को रिवर्स करने का उपाय क्या है?
4.बिना बाईपास, बिना आपरेशन के और इन्जोप्लास्टि के स्थायी समाधान क्या हैं?
5.क्या फार्मा इंडस्ट्री के पास सिर दर्द और माइग्रेन का स्थायी इलाज है?
6.फार्मा इंडस्ट्री में आंखों का चश्मा उतारने का और हेयरिंग ऐड हट जाए तो, इसका कोई निर्दोष इलाज बताएं।
7.पायरिया के दौरान दांत हिलने बन्द हो जाएं, मसूड़े मज़बूत हो जाये। ऐसी कोई निर्दोष दवाई बताएं।
8.आदमी का कम से कम एक किलो वजन कम हो जाये। बिना सर्जरी के, बैरियाट्रिक सर्जरी और
लाईपोसेक्शन के।बाबारामदेव ने, बिना किसी छेड़छाड़ के, बिना दवाई के, क्या ऐसी कोई फार्मा इंडस्ट्री के पास दवाई है?
9.सोरायसिस, सोरायटिक अर्थराइटिस और सफेद भाग का कोई निर्दोष स्थायी समाधान बताएं।
10.पार्किसन का निर्दोष स्थायी समाधान बताएं?
11.साइड इफ़ेक्ट रहित कब्ज़, गैस, एसिडिटी का फार्मा इंडस्ट्री के पास स्थायी समाधान क्या है?
12.अनिद्रा, लोगों को नींद नहीं आती, क्योंकि आपकी दवा केवल 4 से 6 घण्टे ही असर करती है, वह भी साइड इफ़ेक्ट के साथ
, इसका भी कोई स्थायी समाधान बताएं।
13.बिना साइड इफ़ेक्ट के हीमोग्लोबिन बढ़ाने का निर्दोष तरीका बताएं।
14.आदमी के सारे ड्रग्स एडिक्शन, नशा छुड़ाने की कोई दवा बताएं?
15.फार्मा इंडस्ट्री में कोरोना मरीज़ों को बिना ऑक्सीजन सिलेंडर के ऑक्सिजन बढ़ाने का तरीका बताएं?

उनके विरोधी कह रहे हैं कि  बाबा रामदेव इस खत के साथ यह बताना भूल गए कि कोरोना में जब देश में हजारों लोगों की मौत हुई तो वह कहां थे? और कितने लोगों को उन्होंने बचाया?  पूरे कोरोना काल में बाबा एक प्राइवेट चैंनल के लिए रामदेव योग करते रहे। कोरोना से लोगों की मौत होती रही तो उस पीड़ित परिवार के लिए, उनके मुंह से एक भी बयान नहीं निकला। अब जब एलोपैथिक डॉक्टर तमाम लोगों के साथ कोरोना की तरह जुटे हुए हैं उन पर सवाल खड़े करने का मतलब उनके प्रति और असम्मान व्यक्त करना है।

इधर बाबा रामदेव के बयान से एलोपैथिक डॉक्टर और एसोसिएशन काफी नाराज हैं उन्होंने बाबा के बयान पर लगाम लगाने की सरकार से मांग की है और कहा है इस तरह के बयान से डॉक्टरों के मनोबल में गिरावट आती है।

वहीं सवालों के साथ ही योगगुरू रामदेव ने डॉ हर्षवर्धन को लिखा कि, “हम आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और एलोपैथी के विरोधी नहीं हैं। हम यह मानते हैं कि जीवन रक्षा प्रणाली और शल्य चिकित्सा के विज्ञान में एलोपैथी ने बहुत प्रगति की है और मानवता की सेवा की है। मेरा जो बयान कोट किया गया है, वह एक कार्यकर्ता बैठक का है। जिसमें मैंने आये हुए व्हाट्सप्प मैसेज को पढ़कर सुनाया था। उससे अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मुझे खेद है।

Uttarakhand Goverment

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here